दिन की शुरुआत हमारी सेहत पर काफी असर डालती है। सुबह उठने के बाद हम क्या खाते-पीते हैं और किस तरह की दिनचर्या अपनाते हैं, इसका असर शरीर के अलग-अलग अंगों पर पड़ता है। यूरोलॉजिस्ट डॉ. वेंकटेश सुब्रमण्यम ने सुबह की कुछ ऐसी आदतों को लेकर सावधान किया है, जिन्हें लंबे समय तक दोहराने से किडनी की सेहत प्रभावित हो सकती है।
चाय-कॉफी से पहले पानी पीना जरूरी
रातभर सोने के दौरान शरीर में पानी की कमी हो सकती है। ऐसे में सुबह उठते ही चाय या कॉफी पीने के बजाय पहले पानी पीना बेहतर माना जाता है। यूरोलॉजिस्ट के अनुसार, सुबह कम से कम एक गिलास पानी पीकर दिन की शुरुआत करनी चाहिए, ताकि शरीर को पर्याप्त तरल मिल सके।
पेशाब को ज्यादा देर तक रोकना ठीक नहीं
रातभर मूत्राशय में पेशाब जमा रहता है। सुबह उठने के बाद भी लंबे समय तक पेशाब रोककर रखना सही आदत नहीं है। विशेषज्ञ के मुताबिक, पेशाब की इच्छा होने पर उसे अनावश्यक रूप से टालने से बचना चाहिए।
खाली पेट दर्द की दवा लेने से बचें
सुबह खाली पेट दर्द निवारक दवा लेना भी नुकसानदायक हो सकता है। खासकर बिना चिकित्सकीय सलाह के दर्द की दवाओं का बार-बार इस्तेमाल किडनी के लिए जोखिम बढ़ा सकता है। इसलिए ऐसी दवाओं का सेवन डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए।
व्यायाम के बाद शरीर को दें पर्याप्त पानी
सुबह व्यायाम करना सेहत के लिए फायदेमंद है, लेकिन इसके बाद शरीर में पानी की कमी को पूरा करना भी जरूरी है। अधिक व्यायाम के दौरान पसीने के जरिए शरीर से तरल पदार्थ कम हो जाते हैं। ऐसे में व्यायाम के बाद पर्याप्त मात्रा में पानी पीना शरीर को दोबारा संतुलित करने में मदद करता है।
नाश्ता छोड़कर नमकीन चीजें खाना भी गलत
कई लोग सुबह नाश्ता नहीं करते और बाद में भूख लगने पर नमकीन या अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ खाने लगते हैं। ऐसी आदत किडनी के लिए अच्छी नहीं मानी जाती। दिन की शुरुआत संतुलित नाश्ते से करना बेहतर है, जिसमें पर्याप्त प्रोटीन और रेशेदार खाद्य पदार्थ शामिल हों।
छोटी आदतों में बदलाव से रखें किडनी का ख्याल
किडनी शरीर से अपशिष्ट पदार्थ बाहर निकालने और तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए सुबह की दिनचर्या में पर्याप्त पानी पीना, पेशाब न रोकना, बिना सलाह दवाएं न लेना, व्यायाम के बाद पानी की कमी पूरी करना और संतुलित नाश्ता करना जैसी आदतों को शामिल करना बेहतर है। हालांकि, किडनी से जुड़ी बीमारी या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या होने पर केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी है।