डायबिटीज में इन 7 फलों को डाइट में करें शामिल, डॉक्टर ने बताया कितना और कैसे खाना है


मधुमेह होने पर फल खाना बंद करने की जरूरत नहीं है।
अक्सर लोग फलों में मौजूद प्राकृतिक मिठास के कारण उन्हें अपनी खुराक से पूरी तरह हटा देते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार सही फल, सही मात्रा और सही तरीके से खाया जाए तो उसे मधुमेह की खुराक का हिस्सा बनाया जा सकता है। अंतःस्रावी रोग विशेषज्ञ डॉ. सजल कामत ने मधुमेह से जूझ रहे लोगों के लिए सात ऐसे फलों की जानकारी दी है, जिन्हें संतुलित मात्रा में खाया जा सकता है।

बेरीज में फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट

स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, रास्पबेरी और ब्लैकबेरी जैसे फलों में फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। इनमें कई दूसरे मीठे फलों की तुलना में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम होती है। एक बार में करीब आधा से एक कप साबुत बेरीज खाई जा सकती हैं। इन्हें रस के बजाय पूरा खाना बेहतर है।

सेब को छिलके समेत खाना बेहतर

सेब में फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं तथा इसका ग्लाइसेमिक सूचकांक अपेक्षाकृत कम होता है। फाइबर पाचन की प्रक्रिया को धीमा करने में मदद करता है, जिससे रक्त शर्करा में अचानक बढ़ोतरी को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। मधुमेह के मरीज एक छोटा या मध्यम सेब खा सकते हैं।

आम से पूरी तरह दूरी बनाने की जरूरत नहीं

आम को बहुत मीठा मानकर मधुमेह के मरीज अक्सर इससे दूरी बना लेते हैं। हालांकि, डॉक्टर के अनुसार नियंत्रित मात्रा में आम भी खाया जा सकता है। इसमें विटामिन सी, विटामिन ए और कुछ मात्रा में फाइबर मिलता है। एक बार में करीब आधा कप कटे हुए आम तक सीमित रहना बेहतर है।

कीवी में फाइबर और विटामिन सी

कीवी भी मधुमेह की खुराक में शामिल की जा सकती है। इसमें फाइबर, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इसका ग्लाइसेमिक सूचकांक भी कम माना जाता है। छोटी कीवी की एक से दो फलियों को संतुलित मात्रा में खाया जा सकता है।

एवोकाडो में कम कार्बोहाइड्रेट

एवोकाडो में कार्बोहाइड्रेट कम और फाइबर के साथ स्वस्थ वसा अच्छी मात्रा में पाई जाती है। इसी वजह से यह रक्त शर्करा को नियंत्रित रखने वाली खुराक का हिस्सा बनाया जा सकता है। एक बार में लगभग आधा एवोकाडो पर्याप्त माना गया है।

संतरा और मौसमी भी खा सकते हैं

संतरा और मौसमी जैसे फल फाइबर, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं। इनका रस पीने के बजाय साबुत फल खाना बेहतर है, क्योंकि इससे फाइबर भी मिलता है। एक बार में एक छोटा संतरा या एक छोटी मौसमी ली जा सकती है।

केला खाते समय मात्रा का रखें ध्यान

मधुमेह में केला पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है, लेकिन इसकी मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है। छोटे आकार का एक केला खाया जा सकता है, जबकि बड़ा केला हो तो आधा खाना बेहतर है। बहुत अधिक पका हुआ केला खाने से बचना चाहिए। केले में फाइबर, पोटैशियम और विटामिन बी-6 जैसे पोषक तत्व भी पाए जाते हैं।

फल खाएं, लेकिन मात्रा और तरीका न भूलें

मधुमेह में फलों को पूरी तरह बंद करने के बजाय उनके प्रकार, मात्रा और सेवन के तरीके पर ध्यान देना अधिक जरूरी है। साबुत फल को रस के बजाय प्राथमिकता देना बेहतर है। हालांकि, हर व्यक्ति की रक्त शर्करा, दवाओं और स्वास्थ्य स्थिति अलग होती है, इसलिए मधुमेह के मरीज अपनी व्यक्तिगत खुराक के लिए चिकित्सक या आहार विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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